बेहतर अनुभव के लिए One Source Sangha इंस्टॉल करें

धम्मपद 17.9

लेकिन जिस व्यक्ति की प्रतिदिन विवेकवान लोग निरंतर प्रशंसा करते हैं, जो निष्कलंक है, ज्ञान और सदाचार में समृद्ध है, उसे दोष देने का साहस कौन कर सकता है, जैसे गंभीर नदी से बने सोने के सिक्के को? यहाँ तक कि देवता भी उसकी प्रशंसा करते हैं, वह ब्रह्मा द्वारा भी प्रशंसित है।

अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मुलर (1881)। स्रोत

Ananda के साथ इस श्लोक पर विचार करें

यह श्लोक आपके अंदर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से लेते हैं और आपके अपने मार्ग को सम्मान देते हैं।

हमारे साथ चलें

एक मार्ग, एक प्रश्न, हर रविवार। कुछ और नहीं, कभी नहीं।

🌐 English  ·  हिन्दी