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धम्मपद 16.12

इसी प्रकार अच्छे कार्य करने वाला जो इस लोक से दूसरे लोक को गया है, उसे उसके अच्छे कार्य स्वागत करते हैं — जैसे रिश्तेदार किसी मित्र के लौटने पर उसका स्वागत करते हैं।

अंग्रेजी अनुवाद: F. Max Müller (1881)। स्रोत

इस श्लोक पर आनंद के साथ चिंतन करें

यह श्लोक आपके भीतर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से लेते हैं और आपके अपने मार्ग को सम्मानित करते हैं।

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