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धम्मपद 13.2

जागो! आलसी मत बनो! गुण के नियम का पालन करो! गुणवान इस लोक में और अगले लोक में सुख में विश्राम करते हैं।

अंग्रेजी अनुवाद: F. Max Müller (1881)। स्रोत

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