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धम्मपद 10.5

किसी से कठोर भाषा न बोलो; जिनसे तुम बात करते हो वे उसी तरह उत्तर देंगे। क्रोधपूर्ण वाणी दर्दनाक है, प्रहार के बदले प्रहार तुम्हें स्पर्श करेंगे।

अंग्रेजी अनुवाद: F. Max Müller (1881)। स्रोत

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