धम्मपद 1.3
"उसने मेरा अपमान किया, उसने मुझे मारा, उसने मुझे हराया, उसने मुझसे लूटा,"--जो इस तरह के विचार रखते हैं, उनमें कभी भी द्वेष शांत नहीं होगा।
अंग्रेजी अनुवाद: एफ. मैक्स मूलर (1881)। स्रोत
Ananda के साथ इस श्लोक पर विचार करें
यह श्लोक आपके अंदर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से लेते हैं और आपके अपने मार्ग का सम्मान करते हैं।