भले ही तुम सभी पापियों में सबसे बड़े पापी हो, फिर भी तुम ज्ञान की नौका से सभी पापों को पार कर जाओगे।
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे शब्दों का अर्थ उसी स्रोत से है। स्रोत
4.36 अपि यदि? चेत् यदि? असि (तुम) हो? पापेभ्यः पापियों से? सर्वेभ्यः (सभी से) सबसे? पापकृत्तमः पापी? सर्वम् सभी? ज्ञानप्लवेन ज्ञान की नौका द्वारा? एव ही? वृजिनम् पाप? सन्तरिष्यसि (तुम) पार कर जाओगे।व्याख्या आप आत्मा के ज्ञान की नाव से पाप के महासागर को पार कर सकते हैं। (देखें IX.30)
इस श्लोक पर आनंद के साथ विचार करें
यह श्लोक आपमें क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से लेते हैं और आपके अपने मार्ग का सम्मान करते हैं।
4.36 अपि यदि? चेत् यदि? असि (तुम) हो? पापेभ्यः पापियों से? सर्वेभ्यः (सभी से) सबसे? पापकृत्तमः पापी? सर्वम् सभी? ज्ञानप्लवेन ज्ञान की नौका द्वारा? एव ही? वृजिनम् पाप? सन्तरिष्यसि (तुम) पार कर जाओगे।व्याख्या आप आत्मा के ज्ञान की नाव से पाप के महासागर को पार कर सकते हैं। (देखें IX.30)