इससे तुम देवताओं का पोषण करो और वे देवता तुम्हारा पोषण करें; इस तरह एक दूसरे का पोषण करते हुए, तुम सर्वोच्च कल्याण को प्राप्त करोगे।
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे शब्द अर्थ एक ही स्रोत से हैं। स्रोत
3.11 देवान् देवता? भावयत पोषण करो? अनेन इससे? ते वे? देवाः देवता? भावयन्तु पोषण करें? वः तुम्हें? परस्परम् एक दूसरे का? भावयन्तः पोषण करते हुए? श्रेयः कल्याण? परम् सर्वोच्च? अवाप्स्यथ प्राप्त करोगे।व्याख्या देव का अर्थ शाब्दिक रूप से उज्ज्वल होना है। इस यज्ञ से तुम इंद्र जैसे देवताओं का पोषण करते हो। देवता तुम्हें वर्षा आदि से पोषण देंगे। सर्वोच्च कल्याण आत्मज्ञान की प्राप्ति है जो जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्त करती है। सर्वोच्च कल्याण स्वर्ग की प्राप्ति का अर्थ भी हो सकता है। फल साधक के उद्देश्य पर निर्भर करता है।
इस श्लोक पर आनंद के साथ विचार करें
यह श्लोक आपके भीतर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से ज्ञान लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।
3.11 देवान् देवता? भावयत पोषण करो? अनेन इससे? ते वे? देवाः देवता? भावयन्तु पोषण करें? वः तुम्हें? परस्परम् एक दूसरे का? भावयन्तः पोषण करते हुए? श्रेयः कल्याण? परम् सर्वोच्च? अवाप्स्यथ प्राप्त करोगे।व्याख्या देव का अर्थ शाब्दिक रूप से उज्ज्वल होना है। इस यज्ञ से तुम इंद्र जैसे देवताओं का पोषण करते हो। देवता तुम्हें वर्षा आदि से पोषण देंगे। सर्वोच्च कल्याण आत्मज्ञान की प्राप्ति है जो जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्त करती है। सर्वोच्च कल्याण स्वर्ग की प्राप्ति का अर्थ भी हो सकता है। फल साधक के उद्देश्य पर निर्भर करता है।