सृष्टि के आदि में प्रजापति ने मानवता को यज्ञ के साथ सृष्ट किया और कहा, "इससे तुम प्रवृद्धि करोगे; यह तुम्हारी इच्छाओं की कामधेनु (गाय जो सभी वांछित वस्तुएँ देती है) हो।"
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे शब्द अर्थ समान स्रोत से। स्रोत
3.10 सहयज्ञाः यज्ञ के साथ? प्रजाः मानवता? सृष्ट्वा सृष्टि की? पुरा आदि में? उवाच कहा? प्रजापतिः प्रजापति? अनेन इससे? प्रसविष्यध्वम् तुम प्रवृद्धि करोगे? एषः यह? वः तुम्हारी? अस्तु हो? इष्टकामधुक् इच्छाओं की गाय।टिप्पणी प्रजापति सृष्टिकर्ता या ब्रह्मा हैं। कामधुक कामधेनु गाय का एक अन्य नाम है। कामधेनु इंद्र की गाय है जिससे कोई भी अपनी इच्छा की कोई भी वस्तु निकाल सकता है। (देखें VIII.4IX.2427X.25)।
Ananda के साथ इस श्लोक पर विचार करें
यह श्लोक आपमें क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — Ananda कई परंपराओं से लेता है और आपके अपने मार्ग को सम्मानित करता है।
3.10 सहयज्ञाः यज्ञ के साथ? प्रजाः मानवता? सृष्ट्वा सृष्टि की? पुरा आदि में? उवाच कहा? प्रजापतिः प्रजापति? अनेन इससे? प्रसविष्यध्वम् तुम प्रवृद्धि करोगे? एषः यह? वः तुम्हारी? अस्तु हो? इष्टकामधुक् इच्छाओं की गाय।टिप्पणी प्रजापति सृष्टिकर्ता या ब्रह्मा हैं। कामधुक कामधेनु गाय का एक अन्य नाम है। कामधेनु इंद्र की गाय है जिससे कोई भी अपनी इच्छा की कोई भी वस्तु निकाल सकता है। (देखें VIII.4IX.2427X.25)।