क्रोध से मोह उत्पन्न होता है; मोह से स्मृति का विभ्रम; स्मृति के विलास से बुद्धि का विनाश; बुद्धि के विनाश से वह नष्ट हो जाता है।
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे दिए गए शब्दों के अर्थ उसी स्रोत से हैं। स्रोत
2.63 क्रोधात् क्रोध से? भवति उत्पन्न होता है? संमोहः मोह? संमोहात् मोह से? स्मृतिविभ्रमः स्मृति का विभ्रम? स्मृतिभ्रंशात् स्मृति के विलास से? बुद्धिनाशः बुद्धि का विनाश? बुद्धिनाशात् बुद्धि के विनाश से? प्रणश्यति (वह) नष्ट हो जाता है।व्याख्या क्रोध से मोह उत्पन्न होता है। जब कोई व्यक्ति क्रोधित हो जाता है तो वह सही और गलत के बीच विभेद करने की शक्ति खो देता है। वह जो कुछ भी करना चाहे वह बोलेगा और करेगा। वह आवेग और भावना के आवेग से बह जाएगा और तर्कहीन रूप से कार्य करेगा।
इस श्लोक पर आनंद के साथ विचार करें
यह श्लोक आपके मन में क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से खींचता है और आपके अपने पथ का सम्मान करता है।
2.63 क्रोधात् क्रोध से? भवति उत्पन्न होता है? संमोहः मोह? संमोहात् मोह से? स्मृतिविभ्रमः स्मृति का विभ्रम? स्मृतिभ्रंशात् स्मृति के विलास से? बुद्धिनाशः बुद्धि का विनाश? बुद्धिनाशात् बुद्धि के विनाश से? प्रणश्यति (वह) नष्ट हो जाता है।व्याख्या क्रोध से मोह उत्पन्न होता है। जब कोई व्यक्ति क्रोधित हो जाता है तो वह सही और गलत के बीच विभेद करने की शक्ति खो देता है। वह जो कुछ भी करना चाहे वह बोलेगा और करेगा। वह आवेग और भावना के आवेग से बह जाएगा और तर्कहीन रूप से कार्य करेगा।