हे कमलनेत्र भगवान, सृष्टियों की उत्पत्ति और विनाश तो मैंने आपसे विस्तार से सुना है, और आपकी अविनाशी महिमा को भी।
हिंदी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे दिए गए शब्दों के अर्थ समान स्रोत से हैं। स्रोत
11.2 भवाप्ययौ उत्पत्ति और विनाश? हि निश्चित रूप से? भूतानाम् प्राणियों के? श्रुतौ सुने गए हैं? विस्तरशः विस्तार से? मया मेरे द्वारा? त्वत्तः आप से? कमलपत्राक्ष हे कमलनेत्र? माहात्म्यम् महिमा? अपि भी? च और? अव्ययम् अविनाशी।व्याख्या कमलपत्राक्ष कमलनेत्र या कमल की पंखुड़ियों जैसी आँखें वाले। कमलपत्र का अर्थ आत्मज्ञान भी है। जो आत्मज्ञान द्वारा प्राप्त किए जा सकते हैं वह कमलपत्राक्ष हैं।
इस श्लोक पर आनंद के साथ मनन करें
यह श्लोक आपमें क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से प्रेरणा लेते हैं और आपके अपने मार्ग का सम्मान करते हैं।
11.2 भवाप्ययौ उत्पत्ति और विनाश? हि निश्चित रूप से? भूतानाम् प्राणियों के? श्रुतौ सुने गए हैं? विस्तरशः विस्तार से? मया मेरे द्वारा? त्वत्तः आप से? कमलपत्राक्ष हे कमलनेत्र? माहात्म्यम् महिमा? अपि भी? च और? अव्ययम् अविनाशी।व्याख्या कमलपत्राक्ष कमलनेत्र या कमल की पंखुड़ियों जैसी आँखें वाले। कमलपत्र का अर्थ आत्मज्ञान भी है। जो आत्मज्ञान द्वारा प्राप्त किए जा सकते हैं वह कमलपत्राक्ष हैं।