यदि आकाश में एक साथ हज़ार सूर्य प्रकाशित हों, तो वह उस महान आत्मा (महात्मा) की प्रभा के समान होगी।
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे दिए गए शब्दों का अर्थ उसी स्रोत से है। स्रोत
11.12 दिवि आकाश में? सूर्यसहस्रस्य हज़ार सूर्यों का? भवेत् होते? युगपत् एक साथ? उत्थिता उदित होते? यदि यदि? भाः प्रभा? सदृशी समान? सा वह? स्यात् होगी? भासः प्रभा? तस्य उस? महात्मनः महान आत्मा (महात्मा) की।व्याख्या दिवि यहाँ अंतरिक्ष या आकाश को संदर्भित करता है। महात्मा यहाँ महान आत्मा या परमेश्वर के विश्वरूप को संदर्भित करता है।
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11.12 दिवि आकाश में? सूर्यसहस्रस्य हज़ार सूर्यों का? भवेत् होते? युगपत् एक साथ? उत्थिता उदित होते? यदि यदि? भाः प्रभा? सदृशी समान? सा वह? स्यात् होगी? भासः प्रभा? तस्य उस? महात्मनः महान आत्मा (महात्मा) की।व्याख्या दिवि यहाँ अंतरिक्ष या आकाश को संदर्भित करता है। महात्मा यहाँ महान आत्मा या परमेश्वर के विश्वरूप को संदर्भित करता है।