अनेक मुखों और आँखों के साथ, अनेक अद्भुत दर्शनों के साथ, अनेक दिव्य आभूषणों के साथ, अनेक दिव्य हथियारों को उठाए हुए (ऐसा रूप उन्होंने दिखाया)।
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे शब्दों के अर्थ एक ही स्रोत से। स्रोत
11.10 अनेकवक्त्रनयनम् अनेक मुखों और आँखों के साथ? अनेकाद्भुतदर्शनम् अनेक अद्भुत दर्शनों के साथ? अनेकदिव्याभरणम् अनेक दिव्य आभूषणों के साथ? दिव्यानेकोद्यतायुधम् अनेक दिव्य हथियारों को उठाए हुए। व्याख्या वहाँ अनगिनत चेहरे दिखाई दिए। अर्जुन ने इस ब्रह्मांडीय रूप को अपनी पूरी महिमा में देखा। उन्होंने भगवान को हर जगह और हर चीज में देखा। पूरी सृष्टि प्रभु के एक विशाल शरीर के रूप में दिखाई दी। उन्होंने भगवान को सब कुछ माना।
इस श्लोक पर आनंद के साथ विचार करें
यह श्लोक आपके मन में क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से सीखता है और आपके अपने पथ का सम्मान करता है।
11.10 अनेकवक्त्रनयनम् अनेक मुखों और आँखों के साथ? अनेकाद्भुतदर्शनम् अनेक अद्भुत दर्शनों के साथ? अनेकदिव्याभरणम् अनेक दिव्य आभूषणों के साथ? दिव्यानेकोद्यतायुधम् अनेक दिव्य हथियारों को उठाए हुए। व्याख्या वहाँ अनगिनत चेहरे दिखाई दिए। अर्जुन ने इस ब्रह्मांडीय रूप को अपनी पूरी महिमा में देखा। उन्होंने भगवान को हर जगह और हर चीज में देखा। पूरी सृष्टि प्रभु के एक विशाल शरीर के रूप में दिखाई दी। उन्होंने भगवान को सब कुछ माना।