मैं धोखेबाजों का जुआ हूँ; मैं तेजस्वियों का तेज हूँ; मैं विजय हूँ; मैं (दृढ़ निश्चयवालों का) दृढ़ निश्चय हूँ; मैं सत्त्वशील लोगों का सत्त्व हूँ।
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी सिवानंद (1942) · नीचे दिए गए शब्दों के अर्थ एक ही स्रोत से हैं। स्रोत
10.36 द्यूतम् जुआ? छलयताम् धोखेबाजों का? अस्मि (मैं) हूँ? तेजः तेज? तेजस्विनाम् तेजस्वियों का? अहम् मैं? जयः विजय? अस्मि (मैं) हूँ? व्यवसायः दृढ़ निश्चय? अस्मि (मैं) हूँ? सत्त्वम् सत्त्व? सत्त्ववताम् सत्त्वशील लोगों का? अहम् मैं।टिप्पणी दूसरों को धोखा देने के तरीकों में से मैं जुआ हूँ जैसे पासे का खेल। जुआ मेरी प्रकटि है। मैं शक्तिशालियों की शक्ति हूँ। मैं विजयियों की विजय हूँ। मैं जो प्रयास करते हैं उनका प्रयास हूँ। मैं सत्त्व हूँ जो सत्त्वशील व्यक्तियों में धर्म, ज्ञान, वैराग्य और ऐश्वर्य के रूप को ग्रहण करता है।
इस श्लोक पर आनंद के साथ चिंतन करें
यह श्लोक आपके अंदर क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से ज्ञान लेता है और आपके अपने मार्ग को सम्मान देता है।
10.36 द्यूतम् जुआ? छलयताम् धोखेबाजों का? अस्मि (मैं) हूँ? तेजः तेज? तेजस्विनाम् तेजस्वियों का? अहम् मैं? जयः विजय? अस्मि (मैं) हूँ? व्यवसायः दृढ़ निश्चय? अस्मि (मैं) हूँ? सत्त्वम् सत्त्व? सत्त्ववताम् सत्त्वशील लोगों का? अहम् मैं।टिप्पणी दूसरों को धोखा देने के तरीकों में से मैं जुआ हूँ जैसे पासे का खेल। जुआ मेरी प्रकटि है। मैं शक्तिशालियों की शक्ति हूँ। मैं विजयियों की विजय हूँ। मैं जो प्रयास करते हैं उनका प्रयास हूँ। मैं सत्त्व हूँ जो सत्त्वशील व्यक्तियों में धर्म, ज्ञान, वैराग्य और ऐश्वर्य के रूप को ग्रहण करता है।