शुद्धि करने वालों में मैं वायु हूँ; योद्धाओं में मैं राम हूँ; मछलियों में मैं मकर (शार्क) हूँ; धाराओं में मैं गंगा हूँ।
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे दिए गए शब्द अर्थ एक ही स्रोत से हैं। स्रोत
10.31 पवनः वायु? पवताम् शुद्धि करने वालों में? अस्मि (मैं) हूँ? रामः राम? शस्त्रभृताम् शस्त्र धारण करने वालों में (योद्धा)? अहम् मैं? झषाणाम् मछलियों में? मकरः मकर (शार्क)? च और? अस्मि (मैं) हूँ? स्रोतसाम् धाराओं में? अस्मि (मैं) हूँ? जाह्नवी गंगा।व्याख्या पवित्र गंगा को जहन्वी के नाम से जाना जाता है क्योंकि जब भगीरथ इसे स्वर्ग से नीचे ला रहे थे तो महर्षि जहनु ने इसे निगल लिया था।
इस श्लोक पर आनंद के साथ विचार करें
यह श्लोक आपके मन में क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से निकालते हैं और आपके अपने मार्ग का सम्मान करते हैं।
10.31 पवनः वायु? पवताम् शुद्धि करने वालों में? अस्मि (मैं) हूँ? रामः राम? शस्त्रभृताम् शस्त्र धारण करने वालों में (योद्धा)? अहम् मैं? झषाणाम् मछलियों में? मकरः मकर (शार्क)? च और? अस्मि (मैं) हूँ? स्रोतसाम् धाराओं में? अस्मि (मैं) हूँ? जाह्नवी गंगा।व्याख्या पवित्र गंगा को जहन्वी के नाम से जाना जाता है क्योंकि जब भगीरथ इसे स्वर्ग से नीचे ला रहे थे तो महर्षि जहनु ने इसे निगल लिया था।