मैं नागों में अनंत हूँ; मैं जल-देवताओं में वरुण हूँ; पितरों में मैं अर्यमा हूँ; मैं शासकों में यम हूँ।
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे शब्द अर्थ उसी स्रोत से हैं। स्रोत
10.29 अनन्तः अनंत? च और? अस्मि (मैं) हूँ? नागानाम् नागों में? वरुणः वरुण? यादसाम् जल-देवताओं में? अहम् मैं? पितृ़णाम् पितरों या पूर्वजों में? अर्यमा अर्यमा? च और? अस्मि (मैं) हूँ? यमः यम? संयमताम् शासकों में? अहम् मैं।टिप्पणी अनंत फणदार सर्पों या कोबरा के राजा हैं। वह अग्नि-वर्णी हैं।वरुण जल-देवताओं के राजा हैं।जल-देवता जल से जुड़े देवता।अर्यमा पितरों के राजा हैं।मैं यम हूँ, सभी जीवों के कार्यों का साक्षी, जो लोगों के अच्छे और बुरे कार्यों का लेखा-जोखा रखता है।
इस श्लोक पर आनंद के साथ चिंतन करें
यह श्लोक आपमें क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से खींचते हैं और आपने मार्ग का सम्मान करते हैं।
10.29 अनन्तः अनंत? च और? अस्मि (मैं) हूँ? नागानाम् नागों में? वरुणः वरुण? यादसाम् जल-देवताओं में? अहम् मैं? पितृ़णाम् पितरों या पूर्वजों में? अर्यमा अर्यमा? च और? अस्मि (मैं) हूँ? यमः यम? संयमताम् शासकों में? अहम् मैं।टिप्पणी अनंत फणदार सर्पों या कोबरा के राजा हैं। वह अग्नि-वर्णी हैं।वरुण जल-देवताओं के राजा हैं।जल-देवता जल से जुड़े देवता।अर्यमा पितरों के राजा हैं।मैं यम हूँ, सभी जीवों के कार्यों का साक्षी, जो लोगों के अच्छे और बुरे कार्यों का लेखा-जोखा रखता है।