और, राजाओं के घर के पुरोहितों में, हे अर्जुन, मुझे बृहस्पति जानो; सेना के सेनापतियों में मैं स्कंद हूँ; झीलों में मैं महासागर हूँ।
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अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे शब्द अर्थ समान स्रोत से हैं। स्रोत
10.24 पुरोधसाम् घर के पुरोहितों में? च और? मुख्यम् प्रमुख? माम् मुझे? विद्धि जानो? पार्थ हे पार्थ? बृहस्पतिम् बृहस्पति? सेनानीनाम् सेनापतियों में? अहम् मैं? स्कन्दः स्कंद? सरसाम् झीलों में? अस्मि हूँ? सागरः महासागर।व्याख्या बृहस्पति देवताओं के प्रमुख पुरोहित हैं। वह इंद्र के घर के पुरोहित हैं।स्कंद कार्तिकेय या भगवान सुब्रह्मण्य हैं। वह देवताओं की सेनाओं के सेनापति हैं।पानी रखने वाली चीजों में - प्राकृतिक जलाशयों या झीलों में - मैं महासागर हूँ।
इस श्लोक पर आनंद के साथ विचार करें
यह श्लोक आपके अंदर क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से ज्ञान लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।
10.24 पुरोधसाम् घर के पुरोहितों में? च और? मुख्यम् प्रमुख? माम् मुझे? विद्धि जानो? पार्थ हे पार्थ? बृहस्पतिम् बृहस्पति? सेनानीनाम् सेनापतियों में? अहम् मैं? स्कन्दः स्कंद? सरसाम् झीलों में? अस्मि हूँ? सागरः महासागर।व्याख्या बृहस्पति देवताओं के प्रमुख पुरोहित हैं। वह इंद्र के घर के पुरोहित हैं।स्कंद कार्तिकेय या भगवान सुब्रह्मण्य हैं। वह देवताओं की सेनाओं के सेनापति हैं।पानी रखने वाली चीजों में - प्राकृतिक जलाशयों या झीलों में - मैं महासागर हूँ।