सभी ऋषियों ने तुम्हारी घोषणा इसी प्रकार की है, जैसे देवर्षि नारद ने भी; असित, देवल और व्यास ने भी; और अब तुम स्वयं मुझसे ऐसा कह रहे हो।
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे दिए गए शब्द अर्थ एक ही स्रोत से हैं। स्रोत
10.13 आहुः (उन्होंने) घोषणा की? त्वाम् तुम्हें? ऋषयः ऋषि? सर्वे सभी? देवर्षिः देवर्षि? नारदः नारद? तथा भी? असितः असित? देवलः देवल? व्यासः व्यास? स्वयम् स्वयं? च और? एव भी? ब्रवीषि (तुम) कह रहे हो? मे मुझसे।टिप्पणी ऋषि एक पवित्र ऋषि हैं जिनका मन और इंद्रियां अनुशासित हैं। देवर्षि एक दिव्य ऋषि जो एक ऋषि से अधिक विकसित है।
इस श्लोक पर आनंद के साथ चिंतन करें
यह श्लोक आपके भीतर क्या जागृत करता है? कोई भी प्रश्न पूछें — आनंद कई परंपराओं से आकर आपके अपने मार्ग को सम्मानित करता है।
10.13 आहुः (उन्होंने) घोषणा की? त्वाम् तुम्हें? ऋषयः ऋषि? सर्वे सभी? देवर्षिः देवर्षि? नारदः नारद? तथा भी? असितः असित? देवलः देवल? व्यासः व्यास? स्वयम् स्वयं? च और? एव भी? ब्रवीषि (तुम) कह रहे हो? मे मुझसे।टिप्पणी ऋषि एक पवित्र ऋषि हैं जिनका मन और इंद्रियां अनुशासित हैं। देवर्षि एक दिव्य ऋषि जो एक ऋषि से अधिक विकसित है।