परिवार के विनाश में, उस परिवार की सनातन धार्मिक परंपराएं नष्ट हो जाती हैं; धर्म के विनाश पर, अधर्म वास्तव में पूरे परिवार पर अधिकार कर लेता है।
अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे दिए गए शब्द अर्थ एक ही स्रोत से हैं। स्रोत
1.40 कुलक्षये परिवार के विनाश में? प्रणश्यन्ति नष्ट हो जाती हैं? कुलधर्माः पारिवारिक धार्मिक परंपराएं? सनातनाः सनातन? धर्मे धर्म? नष्टे नष्ट होने पर? कुलम् कृत्स्नम् पूरा परिवार? अधर्मः अधर्म? अभिभवति अधिकार कर लेता है? उत वास्तव में।व्याख्या धर्म -- शास्त्रों के आदेशों के अनुसार परिवार द्वारा प्रचलित कर्तव्य और परंपराएं।
इस श्लोक पर Ananda के साथ विचार करें
यह श्लोक आपमें क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — Ananda अनेक परंपराओं से प्रेरणा लेता है और आपके अपने मार्ग का सम्मान करता है।
1.40 कुलक्षये परिवार के विनाश में? प्रणश्यन्ति नष्ट हो जाती हैं? कुलधर्माः पारिवारिक धार्मिक परंपराएं? सनातनाः सनातन? धर्मे धर्म? नष्टे नष्ट होने पर? कुलम् कृत्स्नम् पूरा परिवार? अधर्मः अधर्म? अभिभवति अधिकार कर लेता है? उत वास्तव में।व्याख्या धर्म -- शास्त्रों के आदेशों के अनुसार परिवार द्वारा प्रचलित कर्तव्य और परंपराएं।