संजय ने कहा | इस प्रकार अर्जुन द्वारा संबोधित होकर, कृष्ण ने उस श्रेष्ठ रथ को, हे धृतराष्ट्र, दोनों सेनाओं के बीच में स्थापित किया।
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे दिए गए शब्द अर्थ समान स्रोत से हैं। स्रोत
1.24 एवम् इस प्रकार? उक्तः संबोधित? हृषीकेशः हृषीकेश? गुडाकेशेन गुडाकेश (नींद को जीतने वाले, अर्जुन) द्वारा? भारत हे भारत (भरत राजा के वंशज, धृतराष्ट्र)? सेनयोः सेनाओं के? उभयोः दोनों के? मध्ये बीच में? स्थापयित्वा स्थापित करके? रथोत्तमम् श्रेष्ठ रथ।कोई टिप्पणी नहीं।
इस श्लोक पर आनंद के साथ चिंतन करें
यह श्लोक आपके भीतर क्या जागृत करता है? कोई भी प्रश्न पूछें — आनंद कई परंपराओं से ज्ञान लेते हैं और आपके अपने पथ का सम्मान करते हैं।
1.24 एवम् इस प्रकार? उक्तः संबोधित? हृषीकेशः हृषीकेश? गुडाकेशेन गुडाकेश (नींद को जीतने वाले, अर्जुन) द्वारा? भारत हे भारत (भरत राजा के वंशज, धृतराष्ट्र)? सेनयोः सेनाओं के? उभयोः दोनों के? मध्ये बीच में? स्थापयित्वा स्थापित करके? रथोत्तमम् श्रेष्ठ रथ।कोई टिप्पणी नहीं।