तब धृतराष्ट्र के पक्ष के लोगों को पंक्तिबद्ध खड़े देखकर और शस्त्रों की वर्षा शुरू होने वाली देखकर, पाण्डु के पुत्र अर्जुन, जिनका वाहन वानर चिह्न था, ने अपना धनुष उठाया और कृष्ण से पृथ्वी के स्वामी को निम्नलिखित कहा।
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे दिए गए शब्दार्थ एक ही स्रोत से हैं। स्रोत
1.20 अथ अब? व्यवस्थितान् पंक्तिबद्ध खड़े? दृष्ट्वा देखकर? धार्तराष्ट्रान् धृतराष्ट्र का पक्ष? कपिध्वजः वानर चिह्न वाले? प्रवृत्ते शुरू होने वाली? शस्त्रसंपाते शस्त्रों की वर्षा? धनुः धनुष? उद्यम्य उठाकर? पाण्डवः पाण्डु के पुत्र? हृषीकेशम् हृषीकेश को? तदा तब? वाक्यम् वचन? इदम् यह? आह कहा? महीपते हे पृथ्वी के स्वामी।कोई व्याख्या नहीं।
इस श्लोक पर आनंद के साथ ध्यान करें
यह श्लोक आपके में क्या जागृत करता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से निकालते हैं और आपके अपने मार्ग का सम्मान करते हैं।
1.20 अथ अब? व्यवस्थितान् पंक्तिबद्ध खड़े? दृष्ट्वा देखकर? धार्तराष्ट्रान् धृतराष्ट्र का पक्ष? कपिध्वजः वानर चिह्न वाले? प्रवृत्ते शुरू होने वाली? शस्त्रसंपाते शस्त्रों की वर्षा? धनुः धनुष? उद्यम्य उठाकर? पाण्डवः पाण्डु के पुत्र? हृषीकेशम् हृषीकेश को? तदा तब? वाक्यम् वचन? इदम् यह? आह कहा? महीपते हे पृथ्वी के स्वामी।कोई व्याख्या नहीं।