द्रुपद और द्रौपदी के पुत्र, हे पृथ्वी के स्वामी, और
सुभद्रा के पुत्र, महाबाहु, ने अलग-अलग अपनी शंखें फूंकीं।
अंग्रेजी अनुवाद: स्वामी शिवानंद (1942) · नीचे दिए गए शब्दार्थ उसी स्रोत से हैं। स्रोत
1.18 द्रुपदः द्रुपद? द्रौपदेयाः द्रौपदी के पुत्र? च और? सर्वशः सभी? पृथिवीपते हे पृथ्वी के स्वामी? सौभद्रः सुभद्रा के पुत्र (अभिमन्यु)? च और महाबाहुः महाबाहु? शङ्खान् शंखें? दध्मुः फूंकीं? पृथक् पृथक् अलग-अलग।व्याख्या शंखों की यह फूंक युद्ध के प्रारंभ की घोषणा करती है।
इस श्लोक पर आनंद के साथ चिंतन करें
यह श्लोक आपके हृदय में क्या जगाता है? कुछ भी पूछें — आनंद कई परंपराओं से ज्ञान लेता है और आपके पथ का सम्मान करता है।
1.18 द्रुपदः द्रुपद? द्रौपदेयाः द्रौपदी के पुत्र? च और? सर्वशः सभी? पृथिवीपते हे पृथ्वी के स्वामी? सौभद्रः सुभद्रा के पुत्र (अभिमन्यु)? च और महाबाहुः महाबाहु? शङ्खान् शंखें? दध्मुः फूंकीं? पृथक् पृथक् अलग-अलग।व्याख्या शंखों की यह फूंक युद्ध के प्रारंभ की घोषणा करती है।